चेन्नई: भारत के खिलाफ एकदिवसीय श्रृंखला में क्लीन स्वीप झेलने के बाद अफगानिस्तान क्रिकेट टीम को एक और बड़ा झटका लगा है। टीम के कप्तान हश्मतुल्लाह शाहिदी पर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद ने आचार संहिता के उल्लंघन के मामले में कार्रवाई की है। तीसरे एकदिवसीय मुकाबले के दौरान नियमों का उल्लंघन करने पर उन्हें आधिकारिक फटकार दी गई है, साथ ही उनके अनुशासनात्मक रिकॉर्ड में एक डिमेरिट अंक भी जोड़ दिया गया है।
भारत और अफगानिस्तान के बीच चेन्नई में खेले गए अंतिम मुकाबले में शाहिदी ने शानदार शतक लगाया था, लेकिन उनकी पारी टीम को जीत नहीं दिला सकी। अब मैच के दौरान हुई एक गलती उनके लिए परेशानी का कारण बन गई है।
पिच को नुकसान पहुंचाने का लगा आरोप
मामला चेन्नई के एमए चिदंबरम स्टेडियम में खेले गए तीसरे और अंतिम एकदिवसीय मुकाबले से जुड़ा है। ICC ने शाहिदी को खिलाड़ियों और सहयोगी स्टाफ के लिए लागू आचार संहिता के उस प्रावधान का दोषी पाया है, जो पिच को जानबूझकर या टाली जा सकने वाली स्थिति में नुकसान पहुंचाने से संबंधित है।
मैच अधिकारियों के अनुसार बल्लेबाजी के दौरान शाहिदी कई बार पिच के संरक्षित हिस्से पर दौड़ते हुए पाए गए। उन्हें पहले दो बार अनौपचारिक रूप से चेतावनी दी गई थी।
बार-बार चेतावनी के बावजूद दोहराई गलती
रिपोर्ट के मुताबिक अफगानिस्तान की पारी के 31वें ओवर में शाहिदी को आधिकारिक चेतावनी भी दी गई थी। इसके बावजूद उन्होंने 40वें ओवर में फिर से पिच के बीच वाले हिस्से पर दौड़ लगाई। लगातार चेतावनियों के बाद भी नियमों का पालन नहीं करने पर मैच अधिकारियों ने अफगानिस्तान टीम पर पांच रन की पेनाल्टी लगा दी।
गलती स्वीकार करने पर नहीं हुई सुनवाई
ICC की ओर से की गई कार्रवाई के बाद हश्मतुल्लाह शाहिदी ने अपनी गलती स्वीकार कर ली। उन्होंने मैच रेफरी द्वारा प्रस्तावित सजा को भी मान लिया, जिसके चलते औपचारिक सुनवाई की आवश्यकता नहीं पड़ी।
मैदान पर मौजूद अंपायरों और अन्य मैच अधिकारियों ने इस मामले की रिपोर्ट दर्ज कराई थी, जिसके आधार पर कार्रवाई की गई।
ICC नियमों में क्या है प्रावधान?
ICC के नियमों के अनुसार लेवल-1 श्रेणी के उल्लंघन में खिलाड़ी को आधिकारिक फटकार, मैच फीस का 50 प्रतिशत तक जुर्माना और एक या दो डिमेरिट अंक दिए जा सकते हैं। शाहिदी के खिलाफ दर्ज यह उल्लंघन पिछले 24 महीनों में उनका पहला अपराध माना गया है।
